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पूर्वोत्तर और दक्षिण में बाढ़ से हाल बेहाल, पंजाब और बिहार में और दो दिन लू चलने के आसार

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बेहद खराब हो गए हैं। असम में तो 1.75 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और वर्षाजनित घटनाओं में कई लोगों की जान भी जा चुकी है। वहीं, पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर के जम्मू संभाग से लेकर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों को अभी बारिश का इंतजार है। इन राज्यों में अभी और दो दिन लू चलने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आसमान में हल्के बादल छा रहे हैं, लेकिन बूंदाबांदी के चलते उमसभरी गर्मी से हाल बेहाल है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिण उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, बिहार, पूर्वी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, तमिलनाडु, केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं भारी तो कहीं बहुत अधिक मूसलाधार वर्षा हो रही है। असम में ब्रह्मपुत्र समेत कई सहायक नदियां उफान पर हैं और राज्य के नौ जिलों में पौने दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में आगामी चार दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 28 और 29 जून को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान अंधड़ चलने की संभावना भी है। मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में बुधवार से और मैदानी क्षेत्रों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 27 जून से 1 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। इसी दौरान प्रदेश में मानसून के प्रवेश करने के आसार भी हैं।

राजस्थान, यूपी के कुछ हिस्सों में पहुंचा मानसून 

मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात राज्य और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। दक्षिण पूर्व राजस्थान के कुछ भाग और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में प्रवेश कर गया है। इसके प्रभाव से राजस्थान के उदयपुर, कोटा, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, करौली समेत अन्य कई स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। 27-29 जून तक दक्षिण पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में मानसून सुस्त  67 फीसदी बारिश कम

झारखंड में निर्धारित समय से 11 दिन की देरी से 21 जून को प्रवेश करने के बाद मानसून की चाल सुस्त पड़ गई है। इसके चलते जून महीने में प्रदेश में 67 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य के पांच जिलों में 80 फीसदी तक कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार तक मानसून ने राज्य के सिर्फ चार जिलों पाकुड़, साहेबगंज, गुमला और चाईबासा को ही कवर किया है।

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